Mon. May 20th, 2019

जैठ-बैसाख में हा..हा.. कार की बन सकती है हालत,गाँवों में गहराया पेयजल संकट

अशोकनगर। इस बार जिले में ग्रीष्म काल में गंभीर जल संकट गहरा सकता है कारण प्रतिवर्ष जल स्तर लगातार नीचे गिर रहा है। हालत यह है कि शहरो के अलवा गाँवों में भी अभी से पानी की बूंद-बूंद के लिए हा..हा.. कार मचने लगा है। अगर प्रशासन और संबंधित विभागो ने अभी से समस्या के समाधान के लिए जरूरी कदम नहीं उठाये तो आगामी समय में पानी के लिए संघर्ष की स्थिति भी बनेगी। 
जिले में करीब 825 गाँव एवं 590 के करीब मजरे टोले हैं। ज्यादातर गाँवों में अभी से पानी की कमी आने लगी है। कुछ सालों से कम वर्षा होने के कारण और भू-जल स्तर के अन्धाधुन्ध दोहन से जल स्तर लगातार पाताल की ओर सरक रहा है। कई गाँवों में अभी से पानी की किल्लत गहराने लगी है। जबकि अभी अप्रैल का महिना ही शुरु हुआ है। आशंका है कि मई-जून में जब गर्मी और बढ़ेगी तो जल संकट और अधिक गहरा जाएगा। चन्देरी और ईसागढ़ ब्लॉक के कई गाँवों में अभी से लोग खेतो से पानी ढो रहे हैं। हैण्डपम्पो के दम तोडऩे से लोगों को खेतो पर लगे ट्यूव्बैल और नदी कुओं से पानी लाना पड़ रहा है। विभिन्न स्त्रोत होने के बाद भी कई बाहरी बस्तियों में ऐसे हालात है कि जहां दिन तो दिन रात में भी रहवासी पेयजल की व्यवस्था में जुटे हुए रहते हैं। इन क्षेत्रों में सबसे बड़ी परेशानी वार्ड क्रमांक 6 के अंतर्गत आने वाली शंकर कालोनी भी भीषण गर्मियों में पेयजल समस्या से जूझ रही है। इस कालोनी की कुछ बस्तियोंं में लोग पीने के पानी की व्यवस्था बस्ती से दूर बने कुंआ या फिर निजी नलकूपों से करने को मजबूर हैं।
पानी भरने में जुटे रहवासी:
शहर के शंकर कालोनी में कुछ बस्तियां ऐसी हैं जहां पानी की किल्लत बनी हुई है। ऐसे परिवारों में कामकाज करने वाले लोग सुबह काम पर जाने से पहले पानी भरने के लिए भटकते हैं तो फिर सांय को वापस आने के साथ ही वहीं पानी को भरने में जुट जाते हैं। इसके अलावा महिला एवं बच्चे भी पानी की परेशानी से जूझते हुए पानी भरने के लिए भटकते देखे जाते हैं। इन बस्तियों में भले ही सुबह-दोपहर-सांय या फिर रात हो हर समय पानी भरने वाले दिखाई देंगे। शहर की श्ंाकर कालोनी ही नही बल्कि कमोबेश बाहरी और नवीन कालोनियों में पानी के लिए हालात ऐसे ही मिलते जुलते हैं।
धुलाई सेंटरो पर हो रहा पानी की दुरुपयोग
ऐसा नहीं है कि ग्रामीण क्षेत्रो में ही पानी की किल्लत है। जिला मुख्यालय पर भी लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। शहर की अमुमन हर कालोनी में पेयजल संकट गहराने लगा है कहीं स्थिति कम तो कई अधिक गंभीर है इस सब के बाद भी जिला मुख्यालय पर पानी का दुरुपयोग भी हो रहा है खासकर वाहनों के धुलाई सेंटरो पर जमकर पानी बहाया जा रहा है। राजमाता चौराह के पास, विदिशा रोड पुलिया नम्बर दो के पास एवं महातमाजी के वाड़े के पास जो धुलाई सेंटर हैं वहां पर दो पहिया और चार पहिया वाहनों के धोने के लिए बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग किया जा रहा है इस कारण यहां धुलाई सेंटर संचालक अपने व्यवसाय हित साध रहे हैं। वहीं नगर में जल संकट गहराता जा रहा है।

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