Wed. Jun 26th, 2019

विधायक दल की बैठक 26 को , 22 मंत्रियों के ‘पर’ काटेंगे नाथ

– मध्यप्रदेश में कांग्रेस की हार से दुखी मुख्यमंत्री, मंत्रियों ने डुबोई लुटिया
-कल शाम 4 बजे मंत्रालय में होगी कैबिनेट की बैठक
भोपाल। लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस में हड़कंप मचा हुआ है। पांच माह बाद ही जनता का मिजाज इस कदर बदल जाएगा और नतीजे इतने उलट आ सकते हैं यह किसी ने भी नहीं सोचा था। कमी कहां रह गई, इस बात के लिए कमलनाथ सरकार में मंथन शुरू हो गया है। नाथ कैबिनेट के 22 मंत्री अपने क्षेत्र में कांग्रेस की लाज नहीं बचा सके और बीजेपी ने यहां भी बढ़त लेकर बड़ी जीत हासिल की।अब परफॉर्मेंस के आधार पर मंत्रियों पर गाज गिर सकती है। लोकसभा चुनाव के नतीजों की समीक्षा को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री कमल नाथ विधायक दल की बैठक होगी। बैठक में नतीजों की समीक्षा के साथ सभी विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश भी की जाएगी। इसके साथ उन मंत्रियों पर भी गाज गिर सकती है जिनका परफॉर्मेंस लोकसभा चुनाव में खराब रहा है। हालांकि सभी मंत्रियों के क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशी हारे हैं, ऐसे में इस बैठक के बाद बड़ी उठापठक देखने को मिल सकती है। प्रदेश में मिली इस बड़ी हार के बाद कमलनाथ बड़ा फैसला ले सकते हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस में गुटबाजी समय-समय पर उभरकर सामने आती रही है। इसका कारण भी यही रहा है कि मुख्यमंत्री के अलावा 28 मंत्रियों वाली कैबिनेट में 09 मंत्री हैं दिग्विजय गुट से हैं, जबकि 07 विधायक सिंधिया गुट के हैं। कमल नाथ की पसंद के सिर्फ 11 मंत्री ही हैं।
लोकसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह खुद चुनाव हार गए, ऐसे में उनकी दावेदारी कम हो गई है। अब कमल नाथ स्वतंत्र रूप से निर्णय लेंगे।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सभी मंत्रियों को अपने गृह क्षेत्रों में कांग्रेस को जिताने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि कोई भी दूसरे क्षेत्र में जाकर काम नहीं करेगा। ज्यादातर मंत्रियों ने इसका पालन भी किया पर यह काम नहीं आया। सिर्फ 6 मंत्री अपने क्षेत्र में कांग्रेस को बढ़त दिला पाए। बाकी 22 की विस सीटों पर कांग्रेस पिछड़ गई। यही हाल विधायकों के मामले में है। विस चुनाव में कांग्रेस के 114 विधायक चुनकर आए। इनमें दीपक सक्सेना ने छिंदवाड़ा सीट सीएम कमलनाथ के लिए छोड़ दी। यहां कमलनाथ 25 हजार से अधिक मतों से जीते हैं। कांग्रेस विधायकों वाली अन्य 113 सीटों में से अधिकतर में भाजपा ने बाजी मारी।
मंत्री नहीं बनाया तो निर्दलीय शेरा छोड़ेंगे कांग्रेस
कांग्रेस सरकार को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा ने कहा है कि अगर जनता कहेगी तो वह भी कांग्रेस को नमस्ते कर देंगे। विधायक का यह बयान ऐसे समय आया जब एक दिन बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधायक दल की बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। हालांकि उन्हें आशा है कि नाथ उन्हें मंत्री जरूर बनाएंगे।
कमलनाथ को देना चाहिए इस्तीफा : मंत्री
कमल नाथ सरकार में पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने कहा है कि सीएम कमल नाथ को प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कमलनाथ ने चुनाव के पहले ही प्रदेश अध्यक्ष पद छोडऩे की इच्छा जताई थी, लेकिन राहुल गांधी के कहने पर उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया था।
गिरगिट की तरह बदले कंप्यूटर बाबा
मप्र की शिवराज सरकार में राज्यमंत्री रहे कंप्यूटर बाबा ने विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का दामन थाम लिया था। अब केंद्र में मोदी सरकार बनते ही कंप्यूटर बाबा ने फिर गिरगिट की तरह रंग बदला है। बाबा ने बीजेपी की प्रचंड जीत पर मोदी को बधाई दी है और यह भी ऐलान किया है कि पूरा संत समाज मोदी के साथ है, अगर वो राम मंदिर का निर्माण कराते हैं, और राम मंदिर की बात करते हैं तो मैं भी उनके साथ हूं।

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