Thu. Jul 18th, 2019

इस बार राष्ट्रीय वीरांगना सम्मान डॉ. सुनीता गोदारा को,वीरांगना लक्ष्मीबाई दो दिवसीय बलिदान मेला 17 से

ग्वालियर ।वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान मेला समिति द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी वीरांगना के 161 वीं वर्ष गांठ पर बलिदान मेले का आयोजन 17 जून से होगा। इस बलिदान मेले में अनेक सांस्कृतिक आयोजनों के साथ ही राष्ट्रीय वीरांगना सम्मान मैराथन में गोल्ड जीतने वाली डॉ. सुनीता गोदारा एशियाड गोल्ड मेराथन को दिया जायेगा। इस वर्ष भी खूब लडी मर्दानी नाटय मंचन तथा अखिल भारतीय कवि सम्मेलन भी होगा।
उक्त जानकारी आज सायं पत्रकारों को देेते हुए वीरांगना लक्ष्मीबाई बलिदान मेला समिति के संस्थापक एवं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया , नगर निगम सभापति राकेश माहौर , तथा डॉ. हरीमोहन पुरोहित ने बताया कि सन 2000 से शुरू हुआ यह पुष्प लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मुख्य समारोह 18 जून को राष्ट्रीय वीरांगना सम्मान के साथ ही क्रांतिवीर सम्मान तथा शहीदों के परिजनों का सम्मान होगा। वहीं रानी के चरित्र पर आधारित महानाटय खूब लडी मर्दानी का मंचन भी होगा। उन्होने बताया कि इस अवसर पर एक कवि सम्मेलन भी होगा जिसमें पदमश्री सुरेन्द्र दुबे रायपुर, सोम ठाकुर आगरा, विनीत चौहान अलवर, वेदव्रत वाजपेयी लखनऊ, शंभू शिखर दिल्ली, पूनम वर्मा मथुरा, गजेन्द्र प्रियांशु बाराबंकी , शशिकांत यादव देवास तथा मुन्ना बेट्री रतलाम भाग लेंगे।
समारोह की शुरूआत 17 जून को सुबह स्केटिंग स्पर्धा से होगी। इसके पश्चात शहीद सामानय ज्ञान स्पर्धा मिसहिल स्कूल के सभागार में होगी। सायं छह बजे झांसी से आई शहीद ज्योति यात्रा महाराजा मानसिंह की प्रतिमा से शुरू होगी जो पडाव होते हुए वीरांगना की समाधि पर पहुंचेगी। इस अवसर पर रानी के चलाये अस्त्र शस्त्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। वहीं सायं को नृत्य एवं गायन का कार्यक्रम भी होगा। राष्ट्रीय वीरांगना सम्मान को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा देने और इस वर्ष सरकार के बदलने के बाद क्या सरकार देगी के बारे में पूछे जाने पर पूर्व मंत्री पवैया ने बताया कि उन्होने इसके लिये संस्कृति विभाग को पत्र लिखा है लेकिन उनका कोई जबाब अभी तक नहीं आया है। इसके बाद वह स्वयं बलिदान मेला समिति की ओर से राष्ट्रीय वीरांगना सम्मान देगी। मध्यप्रदेश के मंत्री प्रद्युम्र सिंह तोमर द्वारा आज सायं वीरांगना मैदान का निरीक्षण करने के बारे में पूछे जाने पर पूर्व मंत्री पवैया ने कहा कि वह यह एक पुनीत आयोजन है। मेरे साथ ही पूरे शहर का आयोजन है। इस मेले में वीरांगना की स्मृति में जो भी कुछ करेगा वह साधुवाद का पात्र होगा। राज्य सरकार द्वारा संभवत: कोई आयोजन कराये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वह विधिवत सूचना जिला प्रशासन को दे दी है। और वह कल सायं को संतों की उपस्थिति में बलिदान मेले का वीरांगना की समाधि के सामने स्थित मैदान में भूमि पूजन करेंगे।

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