Thu. Jul 18th, 2019

पुलिस के लिये सबसे बड़ी चुनौती है धारा 363 :डीजीपी

ग्वालियर।अजयभारत न्यूज 
अभी हाल ही में लोकसभा चुनाव शांति पूर्ण तरीके के साथ संपन्न हो गये हैं पुलिस को कोर्ट और जेल के साथ अच्छा समन्वय हैं आधुनिक तकनीक का उपयोग 100 प्रतिशत एफआईआर में हो रहा है। अपराध डिटेक्ट हो रहे हैं और अपराधी भी पकड़े जा रहे हैं लेकिन धारा 363 के अपराधों में वृद्धि हो रही हैं, इन दिनों एटीएम में सेंधमारी फायनेंशियल फ्रॉड में वृद्धि होना शुरू हो गयी हैं यह पुलिस के लिये चुनौती है यह बात सिटीसेंटर स्थित एसपी कार्यालय के सभागार में डीजीपी विजयकुमार सिंह ने पत्रकारवार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहीं हैं।

धारा 363 के अपराध में वृद्धि
इन दिनों देखने में आ रहा है कि लड़कियां ज्यादा ही स्वतंत्र है ऐसे में उनका सामना ऐसे युवकों से हो रहा जो उन्हें अपने जाल में फंसाकर बहला फुसला कर भाग जाते हैं यह एक सच्चाई हैं इन में रिपोर्ट हो रही हैं। एक सवाल के जबाव में श्री सिंह ने कहा कि इस प्रकार की घटनायें शहर की आउटलाईन कॉलोनी और स्लम में रहने वाली बच्चियों में देखने को मिल रही हैं। इस संबंध में एनजीओ और मीडिया के साथ मिलकर काम करने जा रहे हैं। स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता के तहत छात्राओं को समझा रहे हैं हमें किससे सावधान रहना है। दुष्कर्म के मामले में कहा है कि इस प्रकार के मामलों में 25 केशों में फांसी की सजा सुनाई गयी हैं और इस प्रकार के मामले फास्ट ट्रैक ले जाते हैं।

गुमशुदगी में कार्यवाही करने के स्पेशल निर्देश हैं
एक सवाल के जबाव में डीजीपी ने कहा है कि गुमशुदगी के कैशों में स्पेशल निर्देश दे रखे हैं। पुलिस उन पर कार्यवाही कर रही है गुमशुदगी के मामलों में पुलिस आधुनिक तकनीक का उपयोग कर पता लगा रहीं हैं। डीजीपी ने कहा कि मप्र में 46 प्रतिशत अपराधों में अपराधियों को सजा हुई हैं।

सीसीटीएनएस में बेहतर काम
मैं यह कहना चाहूंगा कि मप्र में सीसीटीएनएस में बेहतर काम हो रहा है इसमें 100 प्रतिशत एफआईआर दर्ज हो रही हैं। इसमें देश में 3 नम्बर पर हैं इसमें हमें गर्व हैं।

यातायात व्यवस्था में बदलाव दिखेगा
जल्द ही आपको यातायात की व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा, अच्छी व्यवस्था लगे, एक्सीडेट मुक्त सड़के बनेगी। हम इस दिशा में यातायात व्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा हैं। सड़क दुर्घटनाओं में अपराधों में मरने की वालों की 5-6 प्रतिशत संख्या अधिक हैं। हम अभी इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट और पुलिस मिलकर साथ काम कर रही हैं।

साइबर क्राइम
जैसे जैसे सायबर क्राइम बढ़ रहा है इसलिये हमने सायबर क्राइम की अलग से शाखा बना दी है अपराध का स्वरूप बदलने से पुलिस आप को तैयार कर रही है। अन्य प्रदेशों की तुलना बेहतर काम कर रहे हैं। पुलिस की नई पॉलिसी बनने से अपराधों में कमी आयेगी हम इसे लगातार मॉनीटर कर रहे हैं। हमें सूचनायें लगातार मिल रही है हम यह काम जनता के लिये कर रहे हैं हमें जनता से सहयोगी की अपेक्षा है।

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