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15 अगस्त और रक्षाबंधन इस बार साथ-साथ

19 साल बाद स्वतंत्रता दिवस और रक्षा बंधन एक साथ मनेका 
ग्वालियर । 19 साल बाद स्वतंत्रता दिवस (15अगस्त) और रक्षा बंधन एक साथ मनाने का योग बन रहा है। इस बार 15 अगस्त को चंद्र प्रधान श्रवण नक्षत्र में रक्षाबंधन का संयोग बन रहा है। राजधानी के ज्योतिषाचार्य के मुताबिक,इससे पहले यह संयोग 2000 में पड़ा था।

सावन में नाग पंचमी 5 अगस्त सोमवार को है, जो विशेष योग है। इससे पहले सावन मास में सोमवार को नाग पंचमी का संयोग 16 अगस्त 1999 में बना था और आगामी समय में 21 अगस्त 2023 को यह योग फिर बनेगा और सावन मास में अधिक मास होने से सावन मास दो माह रहेगा। इसमें 8 सोमवार आएंगे। नागपंचमी पर सोमवार की युक्ति अनिष्ट ग्रहों की शांति के लिए सर्वोतम मानी है। इसमें पितृ शांति कालसर्प योग।शांति के लिए सर्वोतम सिद्ध योग माना जाता है। इस योग में शिवजी का रुद्राभिषेक पूजन सर्व मनोकामना सिद्ध के लिए अचूक माना जाता है। सावन में इस बार कई संयोग बन रहे हैं। 125 सालों बाद हरियाली अमावस्या पर पंच महायोग का संयोग बन रहा है। भगवान शिव के खास दिन माने जाने वाले सोमवार को नागपंचमी आ रही है।

सावन 17 से 
इस बार नागपंचमी का विशेष महत्व है। वहीं सालों बाद स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन का संयोग एक ही दिन रहेगा। सावन मास प्रारंभ होने के पूर्व ही खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा। यह चंद्र ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा। इस बार सावन की शुरूआत 17 जुलाई से हो रहा है। इस दिन वज्र और विष कुंभ योग बन रहा है।

खंडग्रास चंद्रग्रहण का योग 
ज्योतिषाचार्य और भागवताचार्य पंडित सुरेश शास्त्री के मुताबिक सावन मास प्रारंभ होने के पूर्व 16 व 17 जुलाई की मध्यरात्रि को खंडग्रास चंद्रग्रहण का योग है। यह चंद्रग्रहण समग्र भारत वर्ष में दिखाई देगा। ग्रहण का सूतक पूर्णिमा 16 जुलाई को दोपहर 4.32 बजे से शुरू हो जाएगा । ग्रहण का स्पर्श 17 जुलाई की रात 1.32 बजे होगा। ग्रहण मध्यकाल 3.1बजे व ग्रहण का मोक्ष 4.30 बजे होगा। सूतक अवस्था में भोजन करना, सोना शास्त्रों के अनुसार नहीं करना चाहिए। बालक वृद्ध रोगी ,आतुरजन, गर्भवती महिलाएं, ग्रहण शुरू होने के 5 घंटे के पूर्व यानी रात में 8.32 बजे तक सात्विक भोजन पदार्थ आवश्यक मात्रा में पेय पदार्थ ग्रहण कर सकती हैं। ग्रहण की समयावधि 2.58 मिनट रहेगी। इस के बीच ईष्ट आराधना ध्यान व जाप करने से अनंत गुना पुण्य प्राप्त होता है।

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